Monday, September 20, 2010

BACHAPAN

ले जा रही हो याद दिल से,जाने से पहले मेरा एक रूपया लौटा दे,

वो प्यारी तकरारें, बचपन की मीठी यादें लौटा दे

बारिश में कीचड में लोटना, मिट्टी केघर बनाना,

दोनों का परिवार के सपने बुनना,फिर छोटी-सी बात पर तोड़ना,

रात को रूठ कर सोना,सुबह होते ही प्यार से झगड़ना,

मेरी वो कशिशें, मुस्काना-झगड़ना लौटा दे.

ले जा रही हो याद दिल से.............

वो दल बनाकर चिढाना,हीर बालों को नोचना,

रोते हुए जाना टीचर के पास,शिकायतों को बढ़ाना-चढ़ाना,

गले लगना मुंह बनाके,पर टिफिन तो फिर भी साथ खाना,

ताउम्र साथ रहने का ख़्वाब, रूठना-मनाना लेता दे.

ले जा रही हो याद दिल से.............

किसी और के साथ देखना और गुस्से में मुंडेर पर बैठना,

मनाने को टॉफी रिश्वत देना ,कण पकड़ दंड-बैठक लगाना,

अव्वल आने पर सीना तानना, वो नाच गाने, ख़ुशी का तराना,

गर है मेरी हमजोली तो उन यादों का वास्ता मेरा बचपन लौटा दे.

ले जा रही हो याद दिल से,जाने से पहले मेरा एक रूपया लौटा दे,

वो प्यारी तकरारें, बचपन की मीठी यादें लौटा दे


2 comments:

  1. पुरानी यादे पुरानी शराब की तरह होती है.. नशा कुछ ज्यादा ही होता है इनका..

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  2. I need to talk to you about a play but there is no contact option is there on you blog?

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